September 25, 2021

लालू को RIMS निदेशक बंगला में शिफ्ट करने के मामले पर सुनवाई 8 जनवरी को

न्यूज़?डेस्क/आवाज़24/ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर लगे जेल मैनुअल के उल्लंघन के मामले में हाईकोर्ट की ओर से मांगी गई जानकारी का पूरा ब्योरा सरकार नहीं दे सकी। इसके बाद सभी बिंदुओं पर जानकारी देने के लिए सरकार की ओर से समय की मांग की गयी। इस पर जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने आठ जनवरी को सुनवाई की तिथि निर्धारित करते हुए विस्तृत जवाब देने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने सरकार से लालू प्रसाद को पेइंग वार्ड से निदेशक बंगला शिफ्ट करने और बंगला से वार्ड वापस भेजने के मामले में जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने यह बताने को कहा था कि किसके निर्णय से लालू प्रसाद को वार्ड से बंगला और फिर किसके आदेश से बंगला से पेइंग वार्ड भेजा गया। सेवादार नियुक्त करने की प्रक्रिया क्या है।

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान जेल अधीक्षक की ओर से बताया गया कि इस मामले में उनके वरीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए। उपायुक्त और कारा महानिरीक्षक ही इस पर सही जानकारी दे सकते हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए रिम्स अधीक्षक ने लालू प्रसाद को निदेशक बंगले में शिफ्ट करने का निर्णय लिया था। इस पर कोर्ट ने पूछा कोरोना के लिए जो एसओपी जारी किया गया है उसमें अस्पताल अधीक्षक निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं या कोई और अधिकारी। इसका जवाब सरकार की ओर से नहीं दिया जा सका। इस पर कोर्ट ने एसओपी की जानकारी मांगी। सरकार की ओर से एसओपी की भी जानकारी नहीं दी गयी।

सेवादार के मामले में अदालत को बताया गया कि जेल में सेवादार देने का प्रावधान है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि किसी कैदी का जेल के बाहर इलाज हो रहा है, तो क्या उसे सेवादार मिल सकता है? सेवादार नियुक्त करने की प्रक्रिया क्या है? इस पर भी सरकार की ओर से जवाब देने के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने कहा कि सरकार इस मामले में तैयारी नहीं कर सकी है और जो भी जवाब दिया जा रहा है, वह संतोषप्रद नहीं है। इस पर सरकार ने विस्तृत जानकारी देने के लिए समय की मांग की। इस आग्रह को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आठ जनवरी को सुनवाई की तिथि निर्धारित की।

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