तीसरी लहर आई तो… ऑक्सीजन के लिए हाहाकार:कोरोना की दूसरी लहर में 123 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की बनी योजना, बिहार में अब तक एक ही प्लांट हाे पाया तैयार

कोरोना की तीसरी लहर 30 अगस्त 2021 के पहले आई तो बिहार में तबाही तय है। फिर ऑक्सीजन के लिए मारामारी होगी। हॉस्पिटल सिलेंडर के लिए फिर हाथ खड़े करने की स्थिति में हो जाएंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि दूसरी लहर में 123 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की योजना पर पूरी तरह से कम नहीं हो पाया है। अब तक बिहार में 123 में मात्र एक प्लांट का शुभारंभ हुआ है। दावा किया जा रहा है कि 30 अगस्त 2021 तक 123 प्लांट चाूल कर दिया जाएगा लेकिन इस दौरान ऑक्सीजन की आवश्यकता हुई तो बड़ी चुनौती होगी।

दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार

कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मच गया था। एक-एक सिलेंडर के लिए लोग भटके और कालाबाजारी भी खूब हुई। हालात ऐसे हो गए थे कि अस्पताल भी मरीजों से सिलेंडर के साथ भर्ती होने की बात कह रहे थे। ऐसे हालात में लोगों को काफी समस्या हुई। इसके बाद भी ऑक्सीजन को लेकर तैयारी की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। हालांकि इस बीच सरकार को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अधिक संख्या में मिले हैं, लेकिन इससे मरीजों की आवश्यकता को पूरा नहीं की जा सकता है। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट से ही मरीजों को बड़ी राहत होगी।

IGIMS में लगा पहला ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट

बिहार में पहला ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में लगाया गया है। पटना में AIIMS का अपना ऑक्सीजन प्लांट है। पटना में 3 निजी कंपनियां है जहां से निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। इन तीनों एजेंसियों पर प्रशासन को पहरा बिठाना पड़ा था। प्रशासन को पर्ची बांटनी पड़ी थी और टोकन सिस्टम से अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाते थे। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान IGIMS में तो ऑक्सीजन को लेकर काफी मारामारी रही और आए दिन ऑक्सीजन खत्म होने का खतरा सताने लग रहा था।

ऑक्सीजन जेनरेशन का फायदा

ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का बड़ा फायदा होता है। पटना में सरकारी ने 123 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाया है इसमें 233 लीटर ऑक्सीजन एक मिनट में तैयार होगा। इस प्लांट से एक दिन में डी टाइप के 50 सिलेंडर को नेचुरल ऑक्सीजन से भरा जा सकता है। इससे लगभग 50 लोगों को प्रतिदिन ऑक्सीजन 24 घंटे तक दिया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा 30 अगस्त को पूरा होगा काम

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि राज्य में 123 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाया जाना है। इसमें बिहार का पहला प्लांट IGIMS में स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री इस प्लांट को कोरोना के तीसरे लहर के ऑक्सीजन की व्यवस्था की शुरुआत बता रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री का दावा सही साबित हुआ तो 30 अगस्त तक ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट को चालू कर दिया जाएगा। इस दावे के इतर जिस तरह से काम चल रहा है ऐसे में यह बात साफ है कि 30 अगस्त तक सभी प्लांट को चालू कर पाना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि मंत्री का यह भी दावा है कि क्रायोजनिक ऑक्सीजन प्लांट भी 20KL का 3 पीस IGIMS में लगाने की तैयारी है, जिसमें पहले 20KL का प्लांट 30 जुलाई तक हो जाएगा। दावा है कि इससे IGIMS में 50% ICU में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन से इसी प्लांट से मिलना शुरू हो जाएगा। सरकार की यह भी तैयारी चल रही है कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में आक्सीजन की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

कोरोना की तैयारी में लानी होगी तेजी

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पूरे देश में तैयारी चल रही है। दिल्ली AIIMS से लेकर अन्य एक्सपर्ट कोरोना की तीसरी लहर को लेकर हमेशा अलर्ट कर रहे हैं। बिहार में अस्पतालों में अभी कोई विशेष तैयारी नहीं दिख रही है। नालंदा मेडिकल कॉलेज जिसे पूरी तरह से कोविड के लिए डेडिकेटेड किया गया वहां भी सरकार की कोई तैयारी नहीं है। पटना मेडिकल कॉलेज में तो 100 बेड के कोविड वार्ड तक ही तैयारी सिमटी हुई है। सदर अस्पताल से लेकर पटना के अन्य बड़े अस्पतालों में भी कोई विशेष तैयारी नहीं की जा रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में फिर दूसरी लहर की तरह बेड और ऑक्सीजन को लेकर मारामारी होगी। बिहार में सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना भारी पड़ा था, इस दौर में भी सरकारी अस्पतालों में बेड बढ़ाने को लेकर कोई बड़ी योजना पर काम नहीं चल रहा है।

हर दिन कोरोना के 100 से कम मामले, बेड की स्थिति

बिहार में टोटल बेड की संख्या – 26766

बिहार में कुल ICU बेड की संख्या – 2180

बिहार में भर्ती कोरोना के मरीजों की संख्या – 1164

बिहार में ICU में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या – 313

बिहार में कुल खाली कोरोना के बेड की संख्या – 25602

बिहार में खाली कोविड ICU बेड की संख्या – 1867

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